Chronicle IAS NCERT GS 2027 Beginner’s Foundation Classes
Join Chronicle IAS Online UPSC New NCERT GS Beginner’s Foundation Course 2027 for UPSC, State PSCs and other graduate-level competitive exams.
50% to 60 % of the questions in various competitive examinations are asked from NCERT Classes 6th to 12th books.
You can achieve your goal by building a strong foundation in General Studies through systematic study of all New Rationalized NCERT Editions (Classes 6th to 12th).
This course has been designed as per the latest trend and question pattern of various competitive examinations.

Key Features of the UPSC NEW NCERT - GENERAL STUDIES Beginner’s Foundation Course 2027
- Complete Syllabus Coverage with Conceptual Clarity: Systematic study of all New NCERTs (Class 6th to 12th) as per the latest examination trends. Focus on building strong fundamentals through simple explanations.
- Exam-oriented Integrated Learning Approach: Mapping of NCERT chapters with competitive exams’ syllabus & previous year questions (PYQs). Linking of GS topics and concepts throughout classes.
- Summarized Class Notes: Concise chapter-wise class notes for quick revision.
- MCQs Practice: Topic-wise NCERT-based objective questions for Prelims.
- Practice Questions: Theme-based questions from NCERTs for Mains.
- NCERT PDFs: NCERT class 6-12 chapter-wise highlighted PDFs.
- Regular Guidance: Regular guidance for conceptual clarity aligned with the exam syllabus.
- Quick-Revision Classes: Special quick-revision classes after completion of the course.
FREE 2500 pages worth 3470/-
9 To The Point NCERT Plus books - Your best companions for success
Content based on Class 6-12 old & new NCERTS + IGNOU + NIOS + State Boards’ books from which questions are often asked in all competitive exams like UPSC/State PCS, SSC, CDS, NDA and other competitive exams.
Batch Details & Schedule
- New Batch Starts: 06 July 2026 (6:00 PM)
- Course Duration: 6 Months
- Medium: English (with Hinglish explanation for better understanding)
- Mode: Live Online Classes
[Q] कैसे बनाएँ ऐसा मजबूत आधार, जो UPSC से लेकर SSC, State PCS, Defence, Banking आदि हर परीक्षा में काम आए?
हर सफलता की एक कहानी होती है; अपनी कहानी की शुरुआत एक मज़बूत नींव से करनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है GS के Syllabus पर आधारित NCERT Foundation Classes की, जिससे बनता है किसी भी Competitive Exams के लिए Strong Conceptual Base. अगर आपको कम समय में सफल होना है तो जुड़ें- नई NCERTs (6th–12th) के कम्पलीट कोर्स से और पाएं व्यवस्थित कवरेज, सरल भाषा में Conceptual Clarity और Integrated Learning; संक्षिप्त नोट्स + MCQs Practice + PYQs Linkage के साथ
[Q]Beginners वे कौन सी गलतियाँ करते हैं जो उन्हें सफलता से सालों दूर कर देती हैं?
वे बार-बार फैक्ट्स को रटने की गलती करते हैं, बिना Concept को समझे ही Notes बनाना शुरू कर देते हैं और पुरानी NCERTs में उलझे रहते हैं। वर्तमान समय में अब वक्त गलतियों को दोहराने का नहीं, उन्हें सुधारने का है। गलत दिशा में मेहनत, केवल पुरानी NCERTs पर निर्भरता और बिना Concept समझे रटना - यही है सबसे बड़ी भूल।
अब वक्त है समझदारी से पढ़ने का, क्योंकि NCERTs को सही तरीके से पढ़ना ही सफलता की गारंटी है।
[Q]क्या हो Beginners की सही शुरुआत? उनकी सबसे बड़ी Problems क्या हैं?
Strong Foundation और सही Strategy ही बनाती है Topper, इसलिए Strong Foundation से ही अपनी तैयारी की शुरुआत करनी चाहिए। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार GS होता है, और GS की सही शुरुआत Strong Foundation के साथ होती है। इसके लिए सभी नई और पुरानी NCERTs का Systematic और Exam-Oriented अध्ययन आवश्यक है।
अगर कोई नवोदित परीक्षार्थी शुरुआत में ही इन Challenges को पार कर लें, तो सफलता Sure है! जैसे- स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना, समय रहते सही Strategy और सही Direction अपनाना, शुरुआत से ही Strong Foundational नोट्स तैयार करना आदि।
[Q] क्या NCERTs से UPSC परीक्षा का Foundation मजबूत होगा, जो IAS तक का सफ़र आसान करे?
बिल्कुल होगा। “हर बड़ा सफर… एक छोटी शुरुआत से शुरू होता है।” NCERTs से लेकर IAS बनने तक के सफ़र के लिए अगर Systematic रूप से NCERTs की स्टडी Conceptual Clarity के साथ और PYQs के Linkage के साथ
Smart Preparation के रूप में की जाए, तो IAS तक का सफ़र आसान होगा
[Q] क्या आप जानते हैं? भारत में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं की सफलता दर सिर्फ 0.2% से 5% तक है! क्यों हर साल लाखों Aspirants अपने सपने को हासिल नहीं कर पाते?
इसका कारण है कमज़ोर Foundation और गलत Strategy...
ज़्यादातर Aspirants एक ही गलती दोहराते हैं...जैसे क्या पढ़ना है, क्या नहीं पढ़ना है, कहाँ से शुरुआत करनी है और Preparation को कैसे दिशा देनी है... यही तय नहीं कर पाते।
सफलता लेनी है तो वक्त है कुछ अलग करने का… सही Strategy से मज़बूत आधार बनाने का...
[Q]क्या UPSC या State Exam Qualify करने के लिए Foundation कोर्स करना जरूरी है?
बिना Foundation के Building नहीं टिकती, तो बिना Basics के Selection कैसे मिलेगा?
“मजबूत नींव ही बनाती है मजबूत भविष्य।” इसलिए सही Direction और Strong Strategy के साथ, अभी शुरुआत करें- New & Old NCERTs को पढ़ना, जो बनाती हैं Strong Base...ताकि सफलता सिर्फ सपना नहीं, आपकी हकीकत बने।
सही दिशा, सही Strategy और मजबूत Foundation के साथ शुरुआत.... आज से ही करनी होगी, ताकि कल का Result बदल सके।
तो अब ना तो पुरानी Strategy से काम चलेगा और ना ही पुरानी NCERTs से .... अब तो नए Trend को follow करना पड़ेगा... जो है पूरी तरह New NCERTs Based...
तो अब तैयारी कीजिए, नई NCERTs (6th–12th) के कम्पलीट कोर्स के साथ... यहाँ आपको मिलेगा Conceptual Clarity, Complete Coverage और Preparation का Confidence...सब एक ही जगह।
[Q] Competitive Exams का Syllabus एक समुद्र की तरह है… तो Beginner कैसे Topper बन सकता है?
हर Topper कभी Beginner था… उसने अपनी Journey की शुरुआत Basics से लेकर Brilliance तक की। अगर कल Shine करना है, तो आज Start होना होगा।
वैसे भी बिना गोता लगाए सही मोती चुनना मुश्किल है… अब सिर्फ पढ़ाई नहीं करनी है, बल्कि Exam-Oriented Smart Strategy और सही Direction के साथ पढ़ाई करनी है। अब रटने से नहीं, समझने से होगा Selection; वो भी Conceptual Clarity के साथ… Concepts ऐसे कि हर Content हो जाए Crystal Clear...
Innovative Pattern और Friendly Examples के साथ पढ़ें ऐसे, जो सिर्फ याद न रहे...बल्कि हमेशा के लिए दिमाग में बस जाए।
[Q] Beginners के लिए नई NCERTs पढ़ना क्यों जरूरी है?
तैयारी के शुरुआती दिनों की गलतियाँ, अक्सर Aspirants को असफलता की ओर ले जाती हैं, क्योंकि सफलता वहीं मिलती है, जहाँ शुरुआत सही होती है। सही Direction, सही Strategy और समझदारी से की गई Preparation...यही है सफलता की पहली शर्त।
NCERTs तो सब पढ़ते हैं…लेकिन क्या आप उन्हें बिना सही Direction और Strategy के सही तरीके से पढ़ पाएंगे? क्योंकि किताब के हर पन्ने में छिपा है Concepts व Facts का खज़ाना... लेकिन अगर पढ़ाई बिना समझ के की जाए, तो मेहनत तो बहुत होगी, पर Output बहुत कम मिलेगा।
[Q] हर टॉपर कहता है NCERTs पढ़ो; सवाल ये है कि 4600 पन्नों की NCERTs पढ़ें कैसे?
4600 पृष्ठों की NCERTs को केवल 200 घंटों में कैसे पढ़ा जाए...? थोड़ा नामुमकिन तो लगता है, लेकिन Structured Classes + Simplified Notes + PYQ Linkage + MCQs Practice के साथ NCERTs अब होंगी आसान। अब बिखरी हुई पढ़ाई नहीं… बल्कि अपनाएं एक Smart Approach....जानें वो स्मार्ट तरीका जो नई NCERTs (6वीं से 12वीं) को कम समय में, गहराई से और Exam-Oriented तरीके से कवर कराता है।
[Q] “कहीं आप NCERTs को गलत तरीके से तो नहीं पढ़ रहे?” अगर हाँ, तो अब वक्त है अपनी तैयारी की दिशा बदलने का!
देखिये इतिहास सिर्फ तारीख़ों का खेल नहीं, वो जुड़ा है Geography, Polity और Economy से। एक Concept को सही से समझो, तो कई Subjects अपने-आप आसान लगने लगते हैं। Integrated Learning Approach - जहाँ हर Subject आपस में जुड़ता है, और समझ आता है पूरे Concept का flow! आज जरूरत है NCERTs को सही तरीके से और गहराई से समझने का।
[Q] UPSC, State PSCs और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए... क्या सिर्फ NCERTs “पढ़ लेना” ही काफी है?
बिल्कुल नहीं... ज़रूरी है, उन्हें सही तरीके से समझना, और Exam-Oriented तरीके से पढ़ना। अब NCERTs को सिर्फ पढ़ना नहीं, बल्कि उन्हें समझना होगा... उन्हें Integrate करना होगा GS के प्रत्येक खंड से और Relate करना होगा Exam से... सरल भाषा में Conceptual Clarity के साथ।
6वीं से 12वीं तक की नई NCERTs को Integrated Learning Approach के जरिए इतिहास, राजव्यवस्था, भूगोल, अर्थशास्त्र, पर्यावरण और विज्ञान जैसे Subjects को आपस में जोड़कर समझिए। Simplified Notes, MCQs Practice, Self-Study Support, Doubt-Based Classes और Regular Revision के साथ... बनाइए Strong Foundation! क्योंकि Success सिर्फ पढ़ने से नहीं, सही तरीके से Preparation करने से मिलती है।
[Q] क्या “Practice, Practice और Practice!” ही प्रतियोगी परीक्षाओं में Success का एकमात्र मूल-मंत्र है?
जी हाँ! 6वीं से 12वीं तक की NCERTs पर आधारित 5,000 विषयवार Exam-Oriented MCQs की Practice, विगत 5 वर्षो की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के PYQs के साथ..... यह कर लिया; तो तैयारी पूरी। Practice किसी भी परीक्षा का मूल आधार है; यह न केवल आपकी समझ को मजबूत करती है, बल्कि Exam Confidence को भी बढ़ाती है।
[Q] क्या है New NCERTs Beginners Course की विशेषता?
UPSC, State PSCs और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष रूप से तैयार, 6वीं से 12वीं तक की सभी नई और पुरानी NCERTs का पूरा कवरेज… मजबूत बेस, आसान समझ, संक्षिप्त नोट्स और प्रैक्टिस प्रश्नों के साथ तैयार किया गया यह कोर्स आपको कम समय में Toppers के श्रेणी में लाकर खड़ा कर देगा।
कोर्स की खास बातें:
- 6वीं से 12वीं तक की सभी नई NCERTs के पूर्ण कवरेज के साथ 200+ घंटे की क्लासेज़
- UPSC, State PSCs और अन्य परीक्षाओं के Syllabus व PYQs से Direct Linkage
- Concepts एवं Facts की गहराई के साथ Syllabus का Complete Coverage
- सरल भाषा में Conceptual Clarity पर फोकस
- त्वरित पुनरावृत्ति के लिए Simplified संक्षिप्त क्लास नोट्स
- विषयवार NCERT आधारित MCQs की Practice
- विगत 5 वर्षो की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के PYQs का अभ्यास
[Q] क्या-क्या बदल गया नई NCERTs में पुरानी से?
नई NCERTs के अपडेटेड संस्करण और पुरानी NCERTs के बीच बदलाव मुख्यतः सिलेबस को छोटा करना, कुछ विषय हटाना, और प्रस्तुति को सरल बनाना रहा है।
नई NCERTs के अपडेटेड संस्करण में पुरानी NCERTs से लगभग 20–30% कंटेंट कम किया गया। इसका मुख्य कारण सिलेबस का Rationalisation है, जिसके कारण UPSC/State PCS के लिए कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स भी हट गए, इसलिए पुरानी NCERTs के कुछ Chapters/Sections को भी सावधानीपूर्वक पढ़ना होगा।
नई NCERTs में पूरी तरह से नया कंटेंट बहुत कम जोड़ा गया है, इसलिए अगर आपने पुरानी NCERTs को ठीक से पढ़ा है, तो नई NCERTs में मुख्यतः केवल फोकस Chapters/Sections ही पढ़ने होंगे।
नई NCERTs को सरल भाषा, कम थ्योरी, अधिक Diagrams और Examples के साथ अधिक Student-friendly बनाया गया है। अनावश्यक विवरण हटाकर इसे Exam-Oriented और अधिक स्पष्ट रूप दिया गया है।
UPSC/PCS Aspirants को Old + New NCERTs दोनों पढ़ना चाहिए, विशेषकर पुरानी NCERTs के Deleted Topics/Chapters को…
नई NCERT = Short + Simplified + Trimmed Content, जबकि पुरानी NCERT = Detailed + Conceptual + Exam Rich Content
[Q] प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी किस भाषा में करनी चाहिए?
किसी भी परीक्षा, खासकर UPSC और State PSCs की तैयारी अंग्रेज़ी में करना अधिक उपयुक्त होता है, क्योंकि अध्ययन सामग्री आसानी से उपलब्ध होती है। लेकिन जब आप कक्षा में कोचिंग ले रहे हों, तो कोर्स का माध्यम अंग्रेज़ी होना चाहिए , जबकि कक्षा में व्याख्या हिंग्लिश (हिंदी + अंग्रेज़ी) में हो, तो यह अधिक प्रभावी होगा , ताकि हर कॉन्सेप्ट को स्पष्ट रूप से समझा जा सके और परीक्षा में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
